Tuesday, 12 June 2018

खुद से भी ज़्यादा ख्याल रखना पड़ता


एक मै हूँ और एक सच्ची दोस्ती तेरी


दोस्ती के दरवाज़े, लाख बंद कर तू मैं


एक को खुश रखना जिसके बिना आप मुस्कुरा


दिल तोड़ना सजा है मुहब्बत की


हर बार रिश्तों में और भी मिठास आई


बस एक यही आदत तो मेरी खरा़ब है