Sunday, 24 June 2018

जब चाहा उन्हें दिल से निकाल न सके


Mohabbat Ki Zanjeer Se Dar Lagta Hai


Ishq Nahi Aasaan Itna Toh Samajh Leeje


इजहार वो मुझसे सरे-बाजार करेगा


इसलिए लफ्ज़ों से तुमको छू लिया मैंने


आज जान तुम पर लूटाने की इजाज़त दे दो


Khwab ko hakikat me sanjoya nahi hota


Main Apne Khayalon Ke Sadke


आकर देख ले दिल पर नाम लिखा है तेरा


Khushboo Bankar Teri Saanso Mein Sama Jayenge


Jinse ho jaati hai zindagi janat meri


Dil ke sagar me lehre uthaya na


Tuesday, 12 June 2018

अपने दिल को यूँ बेकरार ना करना लौट


आपके प्यार की वजह से जिंदा हूँ


खुद से भी ज़्यादा ख्याल रखना पड़ता


एक मै हूँ और एक सच्ची दोस्ती तेरी


दोस्ती के दरवाज़े, लाख बंद कर तू मैं


एक को खुश रखना जिसके बिना आप मुस्कुरा


दिल तोड़ना सजा है मुहब्बत की


हर बार रिश्तों में और भी मिठास आई


बस एक यही आदत तो मेरी खरा़ब है


यही तो बात दिल को सता रही होगी


Monday, 11 June 2018

दिल तोडना है मेरा तो बेशक तोड़ दे


मेहबूब प्यार कर लिया हमने आपसे बस


मेरी ज़िन्दगी में खुशियाँ तेरे बहाने से हैं


हमें ही मिल गया बेवफ़ा का ख़िताब क्योंकि


अपनी ही वफाओं से उसको बेवफा कर दो


हमें न मोहब्बत मिली न प्यार मिला


मेरे कलम से लफ्ज खो गए शायद


ल जायेंगा हमें भी कोई टूट के चाहने वाला


आरजू थी की तेरी बाँहो मे


देकर वो आपकी आँखों में आँसू


Sunday, 10 June 2018

मोहब्बत रब से हो तो सुकून देती हैं, क्युकी


तो मैं ज़माने की किताबों से लफ़्ज़ बेवफाई ही


तू ही बता तेरी बेवफ़ाई नें मुझे ये क्या बना दिया


आंखों में जिनके बस गई दुनिया भर की रौनकें


हम भी तुझे रूलाते तेरी बेवफाई के शेर सुना सुना


अँधेरे में एक दीपक मिला पर वो जला नही


कोई शिकवा नही है तुमसे बेवफाई


तुझे करनी है बेवफाई तो इस अदा से कर


मोहब्बत से भरी कोई ग़ज़ल उसे पसंद


बेवफाई की बात क्यों करते हो


Saturday, 9 June 2018

मोहब्बत के रास्ते कितने भी मखमली क्यो


कहने को साथ अपने इक दुनिया चलती है


जब भी तन्हाई में उनके बगैर जीने की बात


वक़्त की धूप के साथ सूख ही जायेगी


तन्हाई की आग में कहीं जल ही न जाऊँ


भीड़ में हंसते हैं मगर तन्हाई में रोया करते


अपनी तन्हाई में हम अब मसरूफ बहुत


किस से कहु अपनी तन्हाई का आलम