Sunday, 15 July 2018

गुरूर ओढे है रिश्ते अपनी हैसियत पे इतराने


गूँगों से कहा जाता है बहरों को पुकारो


हज़ारों ख़्वाब दिल ने देख डाले चंद लम्हों में


तेरे सिवा कोई भी नाम पसंन्द नही दिल को


Hum samandar hai hamen khamoosh


कसूर हर बार गल्तियों का नही होता


dard dil me dhamaal karta