Saturday, 25 November 2017

ना जाने जिंदगी का ये कैसा


गम के आंसू न बहाते तो और क्या


हमने यहाॅं लाखों का दिल जीत लिया


जिंदगी बनकर जिंदगी ही छीन ली


शिकायतें तुम से नही मुझे खुद से हैं


जिंदगी भर कोई साथ नहीं देता